शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर होंगे स्थानांतरणः डॉ. धन सिंह रावत

-विभागीय अधिकारियों को दिये जिलोें से शीघ्र प्रस्ताव मांगने के निर्देश
-कहा, एकल शिक्षक के अवकाश की अवधि में हो वैकल्पिक व्यवस्था

देहरादून । विद्यालयी शिक्षा विभाग में अनुरोध की श्रेणी में आने वाले पात्र शिक्षकों के स्थानांतरण किये जायेंगे। जिसके लिये विभागीय अधिकारियों को नियत समय पर जनपदों से प्रस्ताव मांगने को कहा गया है। विद्यालयों में तैनात एकल शिक्षक के अवकाश की अवधि में निकटतम विद्यालय से दूसरे शिक्षक की वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गये हैं ताकि संबंधित विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू रूप से चलाया जा सके। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों के आस-पास 150 मीटर के दायरे में संचालित शराब की दुकानों एवं पान, बीड़ी-सिगरेट, तम्बाकू आदि की दुकानों को हटाया जायेगा। इसके लिये सभी जनपदों से रिपोर्ट तलब की गई है।
सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें में उन्होंने वर्तमान स्थानांतरण सत्र में अनुरोध की श्रेणियों में आने वाले शिक्षकों से प्रस्ताव आमंत्रित कर कार्रवाई के निर्देश दिये। इसके लिये सभी जनपदों के शिक्षा अधिकारियों को नियत समयावधि में प्रस्ताव मांगने को कहा गया है। प्रदेशभर के एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में पठन-पाठन को सुचारू रखने की जिम्मेदारी खण्ड शिक्षा अधिकारियों की होगी, इसके लिये एकल शिक्षक के अवकाश पर जाने की दशा में निकटतम विद्यालयों वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं। इसमें लापरवाही बरतने पर संबंधित खण्ड/ उप खण्ड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावा बिना अवकाश स्वीकृत के अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों, बायोमैट्रिक उपस्थिति न लगाने वाले कार्मिकों, शराब के नशे पाये जाने तथा छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश खण्ड एवं जिले के अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने कहा कि शासन ने किसी भी श्रेणी के शिक्षण संस्थानों के आस-पास 150 मीटर के दायरे में मंदिरा दुकान, पान-गुटका, सिगरेट, तम्बाकू  आदि की बिक्री पर रोक लाने के दृष्टिगत  सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई ताकि ऐसी दुकानों को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जा सके। विभागीय मंत्री ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगणों से सम्पर्क कर दो-दो विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश जनपद स्तरीय अधिकारियों को दिये, इसके अतिरिक्त विद्यालयों में बिजली, पानी, फर्नीचर, शौचालय सहित खेल मैदान व खेल समाग्री आदि उपलब्धता एवं आवश्रूकता संबंधी रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजने को कहा। साथ ही शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणों के प्रस्ताव भी शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया ताकि उन पर अग्रिम कार्रवाई की जा सके। प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत पात्र शिक्षकों के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक जूनियर के पदों पर पदोन्नति के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। बैठक में सभी जनपदों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि निजी विद्यालयों में मनमाने ढंग से फीस वृद्धि संबंधी शिकायतों व जबरदस्ती किताबें थोपने संबंधी प्रकरणों पर कार्रवाई की जाय। समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा की गई तथा जिन जनपदों में परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम रहे उन्हें भविष्य में विशेष ध्यान देने को कहा गया।  बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, प्रभारी निदेशक माध्यमिक डॉ. मुकुल कुमार सती, अपर निदेशक के.एस. रावत, परमेन्द्र कुमार, वित्त नियंत्रक विरेन्द्र कुमार, सहित देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं चम्पावत जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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