देहरादून : उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सियासत गरमा गई है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्षा ज्योति रौतेला ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राज में देवभूमि अब अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है। रौतेला ने कहा कि देश और प्रदेश में भाजपा नेताओं पर ही यौन शोषण के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने डराने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2021 में महिला अपराध के 3431 मामले दर्ज थे, जो 2025 में बढ़कर 4200 के पार पहुंच गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड आज सभी हिमालयी राज्यों में महिला अपराध के मामले में पहले पायदान पर है। ज्योति रौतेला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें ‘वीआईपी’ को बचाने की कोशिशें आज भी जारी हैं और सीबीआई जांच को जानबूझकर दबाया जा रहा है।
अपराधों की लंबी फेहरिस्त
ज्योति रौतेला ने पिछले कुछ वर्षों की हृदयविदारक घटनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि बहादराबाद में 13 साल की मासूम की हत्या, रुद्रपुर में नर्स के साथ सामूहिक दुष्कर्म और देहरादून आईएसबीटी कांड जैसी घटनाओं ने समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने राजधानी देहरादून की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अकेले पिछले एक महीने में यहां 10 से ज्यादा बड़ी हत्याएं और लूट की वारदातें हुई हैं। नशे के बढ़ते कारोबार ने राज्य की युवा पीढ़ी को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
एक्सक्लूसिव इनसाइट: क्या कहते हैं अन्य स्रोत?
कांग्रेस के इन कड़े प्रहारों के बीच, NCRB 2024-25 के कुछ आंकड़े एक अलग तस्वीर भी पेश करते हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, उत्तराखंड पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों (CCTNS) के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, कुछ सरकारी रिपोर्ट्स का दावा है कि 2024 में महिला अपराधों में 12% की कमी आई है। हालांकि, विपक्षी खेमे का कहना है कि ये आंकड़े केवल फाइलों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट बेहद खौफनाक है।
रौतेला ने चेतावनी दी है कि सरकार अगर इन बढ़ते आंकड़ों और ध्वस्त कानून व्यवस्था पर लगाम नहीं लगाती, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में बड़ा जन-आंदोलन छेड़ेगी। प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
