-आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक -तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ जाएं तो राष्ट्र को कोई भी कमजोर नहीं कर सकता…
Read More हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र भीः राजनाथ सिंह-आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक -तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ जाएं तो राष्ट्र को कोई भी कमजोर नहीं कर सकता…
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