विभागों द्वारा अनुबंध में विलंब कोर्ट की अवमाननाः गोदियाल

-समान कार्य समान वेतन का शासनादेश जारी होने के पांच माह बाद भी कई विभाग नहीं कर रहे अनुबंध
-कर्मचारियों का आरोप-उपनल के माध्यम से काटा जा रहा कमीशन

देहरादून । प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के अनुबंध में हो रही देरी को लेकर उपनल कर्मचारी महासंघ ने नाराजगी जताई है। महासंघ का आरोप है कि समान कार्यदृसमान वेतन संबंधी शासनादेश जारी होने के बावजूद कई विभाग आज भी कर्मचारियों की उपस्थिति उपनल को भेज रहे हैं, जिसके कारण कर्मचारियों का वेतन उपनल के माध्यम से जारी हो रहा है और उस पर कमीशन भी काटा जा रहा है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने कहा कि 3 फरवरी 2026 को राज्य सरकार द्वारा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्यदृसमान वेतन का शासनादेश जारी किया गया था। शासनादेश के अनुसार पात्र कर्मचारियों के विभागीय अनुबंध किए जाने थे, लेकिन आदेश जारी होने के लगभग पांच माह बाद भी कई विभागों ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों के बावजूद भी कई विभागों में तीन माह से कर्मचारी वेतन के लिए तरस रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विभाग यह कहकर अनुबंध की प्रक्रिया टाल रहे हैं कि मार्च माह से वेतन भुगतान संबंधी शासनादेश अभी जारी नहीं हुआ है, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार है और शासनादेश की भावना के विपरीत है।
गोदियाल ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनकी उपस्थिति अब भी उपनल को भेजी जा रही है। इसके चलते उपनल द्वारा वेतन वितरण किया जा रहा है और कर्मचारियों के वेतन से कमीशन भी काटा जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि विभाग समय पर अनुबंध कर देते, तो कर्मचारियों को इस आर्थिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ही शासनादेश जारी किया गया था, ऐसे में उसके बावजूद अनुबंध प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब करना न्यायालय के आदेशों की भावना के विपरीत है। उन्होंने शासन से 1 मार्च 2026 से समान कार्य समान वेतन दिए जाने संबंधी कैबिनेट की बैठक में पारित प्रस्ताव के आधार पर यथाशीघ्र शासनादेश जारी कर  संबंधित विभागों से तत्काल कार्यवाही करते हुए पात्र कर्मचारियों के अनुबंध कराये जाने की मांग की। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों के अनुबंध तत्काल कराए जाएं, ताकि शासनादेश का लाभ समय पर कर्मचारियों तक पहुंच सके और उनके वेतन से उपनल के माध्यम से होने वाली कमीशन कटौती पर भी रोक लग सके।

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