‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से आया ईमेल, मसूरी पालिका और कई वीआईपी निशाने पर
मसूरी कोतवाली में बड़ा मुकदमा दर्ज, जानिए क्यों खाली करानी पड़ी नगर पालिका की पूरी बिल्डिंग
पहाड़ों की रानी मसूरी में दहशत फैलाने की साजिश, बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा
मसूरी। पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले प्रमुख पर्यटन स्थल मसूरी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्थानीय प्रशासन के सरकारी तंत्र को सीधे तबाही का संदेश मिला। अज्ञात हमलावरों ने सीधे डिजिटल रूट का इस्तेमाल कर सीधे स्थानीय शासन के मुख्य दफ्तरों को उड़ाने की चेतावनी दी है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस इनपुट को बेहद गंभीरता से लेते हुए पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कोतवाली मसूरी में इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनकी तहरीर के मुताबिक किसी अज्ञात सिरफिरे ने आधिकारिक ई-मेल आईडी के जरिए सीधे नगर पालिका परिषद कार्यालय और नगर पालिका अध्यक्ष के दफ्तर को बम से उड़ाने की सीधी धमकी भेजी। धमकी भरे इस संदेश के आते ही महकमे में खलबली मच गई और आनन-फानन में पुलिस की भारी नफरी मौके पर भेजी गई।
पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे पालिका परिसर को तुरंत खाली कराया और अंदर जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत देहरादून से बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड की एक्सपर्ट टीमों को भी ग्राउंड पर उतारा गया।
सुरक्षा बलों ने चप्पे-चप्पे की गहनता से मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों के जरिए सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस पूरे सर्च ऑपरेशन की बाकायदा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई है ताकि किसी भी तरह के डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस की टेक्निकल टीम और साइबर एक्सपर्ट्स ने ई-मेल के मूल स्रोत और प्रेषक की पहचान के लिए आईपी एड्रेस को खंगालना शुरू कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है वह इस धमकी के पीछे छुपा कथित संगठन है। शुरुआती छानबीन के दौरान पता चला है कि यह मेल कथित तौर पर ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से भेजा गया है जिसमें इसे एक बदले की कार्रवाई बताया गया। इस मेल में सिर्फ मसूरी ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के कई बेहद महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों सहित हरिद्वार-ऋषिकेश के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
कोतवाली मसूरी की पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 21/2026 दर्ज कर लिया है। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद गंभीर धाराओं 351(3), 351(4) और 113(ख) के तहत मामला पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आम जनता और यहां आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें क्योंकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं।
