
देहरादून । कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक और संवेदनशील होना जरूरी है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना और उसे प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराना जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत एवं राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद पर जोर
शुक्रवार को सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सर्वे चौक स्थित अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) ऑडिटोरियम में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास एवं डीएम डॉ. आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संगोष्ठी में प्रधानमंत्री राहत योजना तथा नेक राहगीर (राह-वीर) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। डीएम चौहान ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाला व्यक्ति केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि किसी परिवार की उम्मीदों और जिम्मेदारियों का आधार होता है। दुर्घटना के बाद परिवार जिस पीड़ा और संकट से गुजरता है, उसे समझते हुए प्रत्येक व्यक्ति को मानवीय संवेदना के साथ आगे आना चाहिए। घायल को समय पर उपचार उपलब्ध कराना ही सच्ची मानव सेवा है। उन्होंने ई-डीएआर एवं टीएमएस पोर्टल पर प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाने तथा संबंधित सुविधाओं का अधिकाधिक अस्पतालों तक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की बात कही।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आमजन की सहभागिता भी जरूरी है।
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घायलों के उपचार और राह-वीरों के लिए पुरस्कार
एडीएम स्मृता परमार ने बताया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को प्रावधानों के अनुसार ₹1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले राह-वीर को ₹25 हजार तक की पुरस्कार राशि दी जाती है।वर्षभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1 लाख की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।। योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं प्रक्रिया के अनुसार पात्र अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
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हर घंटे औसतन 21 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का उल्लेख किया। बताया कि देश में प्रतिवर्ष लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है और लाखों लोग घायल होते हैं। आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लगभग 5.13 लाख हादसे होते हैं, जिनमें करीब 1.83 लाख लोगों की मृत्यु तथा 4.6 लाख लोग घायल होते हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, औसतन हर घंटे लगभग 21 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में चली जाती है। दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की हिस्सेदारी भी चिंताजनक है। विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री राहत एवं राह-वीर योजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ ई-डीएआर और टीएमएस प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आवेदन एवं संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया। इस अवसर पर, महानिदेशक परिवहन अनिल गर्व्याल, निदेशक शिक्षा खड़क सिंह दत्ताल, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा, सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, जिला सभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला आदि उपस्थित रहे।

