-महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 3 महीने का पैसा
देहरादून । महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 4 करोड़ 39 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की। कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह 3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत मार्च 2026 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अप्रैल में 4917 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 47 लाख 51 हजार रुपए मंगलवार को जारी किए गए हैं। जबकि मई महीने के लिए कुल 4879 लाभार्थियों के 1 करोड़ 46 लाख 37 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।
इसके अलावा जून 2026 माह के लिए कुल 4848 लाभार्थियों को 1 करोड़ 45 लाख 440हजार रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से जारी की गई है। इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं। इस अवसर पर निदेशक बंशीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से संबंधित शिकायतों की जांच को उच्चस्तरीय समिति गठित
देहरादून, आजखबर। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायतों एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चैहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।
जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।
