देहरादून में विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाला हाई-प्रोफाइल कॉल सेंटर पकड़ा गया

दून पुलिस ने राजपुर क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़

दून में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार और गाड़ियां सीज

दून पुलिस का बड़ा एक्शन: एंटीवायरस के नाम पर विदेशी ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार

देहरादून । देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है, जो विदेशी नागरिकों को एंटीवायरस एप बेचने के नाम पर ठग रहा था। शातिर ठग किराए के फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे और गूगल वॉइस एप के जरिए अमेरिका व कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाते थे। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल के निर्देश पर दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व तीन लग्जरी वाहन जब्त किए हैं।

राजपुर थाना पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर आर्चिड पार्क, तरला नागल रोड पर स्थित एक फ्लैट में दबिश दी गई। इस दौरान वहां अवैध कॉल सेंटर संचालित करने वाले पांच अभियुक्तों—आशीष नागर, अक्षत शर्मा, अंशु मुद्गल, राज सिंह और अभिनव सिंह को दबोचा गया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी आशीष कुछ समय पहले नोएडा के कॉल सेंटर में काम करता था और वहीं से इस अवैध धंधे के गुर सीखकर देहरादून आया था। आरोपियों ने विदेशी नागरिकों के करीब पांच हजार मोबाइल नंबर खरीद रखे थे, जिन पर वे संपर्क साधकर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।

यह पूरा ठगी का नेटवर्क बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। आरोपी विदेशी नागरिकों के फोन या लैपटॉप में तकनीकी खराबी बताकर उन्हें एंटीवायरस डाउनलोड करने का झांसा देते थे। इसके एवज में उनसे 100 डॉलर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाया जाता था। गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद पीड़ित को ऐप नहीं दिया जाता था, बल्कि उस कार्ड को सस्ते दामों में अन्यत्र बेचकर अवैध रकम भारतीय खातों में मंगाई जाती थी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए ये लोग कुछ ही दिनों में अपना ठिकाना बदल लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 1 आईपैड और आई-20, वरना तथा थार जैसी 3 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। गिरफ्तार सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ थाना राजपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इनके बैंक खातों में अब तक कितनी अवैध रकम ट्रांसफर की गई है।

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